प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना: क्या यह सच में नौकरी दिलाने में मदद करती है?

भारत में लाखों युवा हर साल पढ़ाई पूरी करते हैं। डिग्री हाथ में आ जाती है, लेकिन नौकरी नहीं मिलती। अब सवाल यह है कि आखिर कमी कहाँ रह जाती है? यहाँ असली बात यह है कि सिर्फ पढ़ाई और नौकरी के बीच एक बड़ा gap है। कॉलेज अक्सर theory सिखाते हैं, लेकिन कंपनियाँ practical skill ढूँढती हैं। यही वजह है कि कई लोग graduate होने के बाद भी confused रहते हैं कि आगे क्या करें। इसी gap को भरने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना यानी PMKVY शुरू की। इसका उद्देश्य सीधा था। युवाओं को ऐसी skills सिखाना जो सीधे काम आ सकें। लेकिन किसी भी सरकारी योजना की तरह यहाँ भी सवाल उठता है। क्या यह सिर्फ कागजों में अच्छी लगती है या जमीन पर भी असर दिखता है? चलिए समझते हैं।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना: क्या यह सच में नौकरी दिलाने में मदद करती है?

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना आखिर है क्या?

Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana एक skill development scheme है जिसे भारत सरकार ने शुरू किया। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को industry-relevant training देना है ताकि वे नौकरी पाने लायक बन सकें। इस योजना के तहत अलग-अलग sectors में training दी जाती है। जैसे:
  • Retail
  • Healthcare
  • Construction
  • IT
  • Electronics
  • Beauty and wellness
  • Automotive
  • Hospitality
गौर करने वाली बात यह है कि इसमें सिर्फ शहरों के युवाओं पर फोकस नहीं किया गया। छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी जोड़ने की कोशिश की गई। Training पूरी होने के बाद certificate भी दिया जाता है। कई जगह placement assistance भी मिलती है। सुनने में यह काफी अच्छा मॉडल लगता है। लेकिन असली तस्वीर थोड़ी mixed है।

क्या सिर्फ certificate से नौकरी मिल जाती है?

यही वह जगह है जहाँ बहुत लोग गलतफहमी में रहते हैं। कई युवाओं को लगता है कि PMKVY का certificate मिलते ही नौकरी पक्की हो जाएगी। लेकिन सच्चाई इतनी सीधी नहीं है। कोई भी कंपनी सिर्फ certificate देखकर hiring नहीं करती। उन्हें काम करने वाला इंसान चाहिए। मान लो किसी ने digital marketing का course किया। अगर उसे सिर्फ definitions याद हैं लेकिन campaign चलाना नहीं आता, तो certificate ज्यादा मदद नहीं करेगा। यही कारण है कि skill training का असली फायदा तभी होता है जब इंसान खुद practice भी करे। यहाँ एक practical बात समझनी जरूरी है। PMKVY आपको रास्ता दिखा सकती है, लेकिन चलना आपको खुद पड़ेगा। कई लोग course करके रुक जाते हैं। वहीं कुछ लोग training के बाद खुद projects करते हैं, internship ढूँढते हैं, practice जारी रखते हैं। फर्क यहीं बनता है।

इस योजना की सबसे अच्छी बात क्या है?

अगर honestly देखें, तो इसकी सबसे बड़ी ताकत accessibility है। बहुत सारे युवा ऐसे होते हैं जो expensive private courses afford नहीं कर सकते। PMKVY उनके लिए entry point बन सकती है। कुछ courses बिल्कुल free होते हैं। कई training centers basic practical exposure भी देते हैं। अब सोचिए। एक छोटे गाँव का लड़का या लड़की जिसे पहले computer चलाना भी ठीक से नहीं आता था, अगर training के बाद basic office work या technical work सीख जाता है, तो यह छोटी बात नहीं है। यह योजना perfect नहीं है, लेकिन कई लोगों के लिए शुरुआत का मौका जरूर बनती है। और कई बार जिंदगी में सबसे मुश्किल चीज़ शुरुआत ही होती है।

लेकिन जमीन पर क्या समस्याएँ हैं?

अब सिर्फ अच्छी बातें करने से picture पूरी नहीं होगी। कुछ बड़ी समस्याएँ भी हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सबसे पहली समस्या quality control की है। हर training center एक जैसा नहीं होता। कुछ centers genuinely अच्छा सिखाते हैं, जबकि कुछ जगह सिर्फ attendance और paperwork पर ज्यादा ध्यान होता है। कई students ने यह शिकायत भी की है कि practical exposure कम मिलता है। कहीं outdated machines हैं, कहीं trainers experienced नहीं हैं। अब सवाल आता है कि फिर फायदा किसे मिलता है? फायदा उन्हें ज्यादा मिलता है जो training को सिर्फ सरकारी certificate नहीं, बल्कि learning opportunity की तरह लेते हैं। दूसरी बड़ी समस्या awareness की है। कई युवाओं को पता ही नहीं होता कि कौन सा course उनके लिए सही रहेगा। यही वजह है कि कई लोग random course चुन लेते हैं और बाद में interest खत्म हो जाता है।

कौन लोग इस योजना से सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं?

हर किसी के लिए यह equally useful नहीं है। लेकिन कुछ लोगों के लिए यह काफी मददगार साबित हो सकती है। जैसे:
  • जिनके पास expensive education का budget नहीं है
  • जो जल्दी skill सीखकर काम शुरू करना चाहते हैं
  • छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवा
  • school या college dropouts
  • career switch करने वाले लोग
अब यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि skill-based jobs का market धीरे-धीरे बढ़ रहा है। Electrician, technician, graphic designer, video editor, healthcare assistant, data entry operator जैसे roles में demand बनी रहती है। लेकिन एक चीज़ हमेशा याद रखनी चाहिए। कोई भी योजना आपकी मेहनत की जगह नहीं ले सकती।

सही course चुनना सबसे जरूरी कदम है

बहुत लोग बिना सोचे course चुन लेते हैं क्योंकि किसी दोस्त ने वही किया था या किसी center वाले ने recommend कर दिया। यह गलती आगे चलकर समय खराब कर सकती है। चलिए इसे आसान तरीके से समझते हैं। अगर आपको लोगों से बात करना पसंद है, तो sales, hospitality या customer support जैसे fields बेहतर हो सकते हैं। अगर technical चीज़ों में interest है, तो electrician, hardware, automotive या IT support अच्छे विकल्प हो सकते हैं। अगर creativity पसंद है, तो graphic design, video editing या digital marketing useful हो सकते हैं। यहाँ सीधी बात यह है कि skill वही टिकती है जिसमें आपका interest हो। सिर्फ trend देखकर चुनी गई skill अक्सर कुछ महीनों बाद बोझ लगने लगती है।

Skill सीखने के बाद सबसे जरूरी काम क्या करना चाहिए?

यह हिस्सा बहुत लोग ignore कर देते हैं। Skill सीखने के बाद तुरंत job का इंतजार मत करो। पहले खुद को improve करो। अगर आपने computer course किया है, तो खुद documents बनाओ, Excel practice करो। अगर digital marketing सीखी है, तो खुद छोटा page grow करके देखो। अगर designing सीखी है, तो portfolio बनाओ। यहाँ असली खेल experience का है। कई कंपनियाँ fresher hire करती हैं, लेकिन उन्हें ऐसा fresher चाहिए जिसने खुद कुछ practical काम किया हो। और सच कहें तो आज इंटरनेट के समय में practice के मौके पहले से ज्यादा हैं।

आखिर में समझने वाली बात

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना कोई जादुई solution नहीं है। यह नौकरी की guarantee भी नहीं है। लेकिन यह उन लोगों के लिए एक practical मौका जरूर हो सकती है जिन्हें सही दिशा और शुरुआती skill की जरूरत है। फर्क इस बात से पड़ता है कि आप इसे कैसे इस्तेमाल करते हो। कुछ लोग सिर्फ certificate लेकर रुक जाते हैं। कुछ लोग वही skill पकड़कर अपना career बनाना शुरू कर देते हैं। दोनों के results अलग होंगे। इसलिए अगर आप PMKVY join करने की सोच रहे हो, तो सिर्फ course मत देखो। यह भी सोचो कि उसके बाद आप खुद कितना सीखने और practice करने वाले हो। क्योंकि आखिर में market वही इंसान याद रखता है जो काम कर सकता है, सिर्फ course पूरा करने वाला नहीं।

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