Interview में simple सवालों का जवाब कैसे बिगड़ जाता है

यह ब्लॉग में मेरे Interview के दौरान का अनुभव बताऊंगा कौनसी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि Interview में कोई गलती नहीं हो और हम सभी प्रश्नों का उत्तर सही से दे सके।

Interview देने गए हों और सामने वाला एकदम आसान सवाल पूछ ले जैसे - अपने बारे में बताइए या आप यह नौकरी क्यों चाहते हैं और तभी दिमाग खाली हो जाए। दिल तेज धड़कने लगे। और जो जवाब सोचा था, वह मुँह से निकले ही नहीं। अगर आपके साथ ऐसा हुआ है, तो यकीन मानिए आप अकेले नहीं हैं। यह हर दूसरे candidate के साथ होता है। यहाँ तक कि अच्छे पढ़े-लिखे और मेहनती लोग भी simple सवालों में उलझ जाते हैं। अब बात करते हैं असली वजह की।

Interview में simple सवालों का जवाब कैसे बिगड़ जाता है

Interview में सवाल आसान नहीं होता, दबाव भारी होता है

यहाँ एक बात समझनी जरूरी है। Interview में सवाल simple होता है, लेकिन माहौल simple नहीं होता। सामने बैठे होते हैं 2 या 3 लोग उनकी नजरें उनका शांत चेहरा और आपके मन में चल रही 100 बातें क्या गलत बोल दिया तो क्या impression खराब हो गया तो इस pressure में दिमाग सही जवाब देना भूल जाता है।सच कहें तो यह knowledge की नहीं, mental control की परीक्षा होती है।


हम सवाल सुनते कम हैं, डर ज़्यादा महसूस करते हैं

Interview में अक्सर ऐसा होता है Interviewer ने सवाल पूरा भी नहीं किया और हम अंदर ही अंदर जवाब बनाना शुरू कर देते हैं। यही गलती है। दिमाग डर में चला जाता है और सवाल ठीक से सुनाई ही नहीं देता। फिर होता क्या है आप कुछ और बोल देते हैं Interviewer कुछ और पूछ रहा होता है और जवाब बिगड़ जाता है। यहाँ सीख ये है पहले सवाल को पूरा सुनो। एक सांस लो फिर बोलो


Overthinking simple सवालों को मुश्किल बना देती है

चलो एक उदाहरण लेते हैं। सवाल है आप अपनी strengths बताइए। अब दिमाग कहता है कुछ ऐसा बोलो जो impressive लगे, कुछ अलग बोलो, कुछ unique बोलो और इसी चक्कर में आप कुछ भी ठीक से नहीं बोल पाते। सच ये है Interviewer को rocket science नहीं चाहिए

उसे real इंसान चाहिए। अगर आप कह दें मैं समय पर काम पूरा करता हूँ और सीखने की कोशिश करता हूँ तो यह जवाब भी पूरी तरह ठीक है।


रटे हुए जवाब interview में अक्सर फेल हो जाते हैं

बहुत से लोग YouTube से answers याद कर लेते हैं।Tell me about yourself का एक template Strengths and weaknesses का एक template

Problem यह है Interviewer ने यह जवाब 100 बार सुन रखा होता है।जब आप वही line बोलते हैं तो जवाब में जान नहीं होती। और जब बीच में interviewer कुछ पूछ ले तो पूरा रटा हुआ जवाब टूट जाता है। इसलिए रटना नहीं समझकर, अपने शब्दों में बोलना जरूरी है।


खुद को judge करने का डर जवाब बिगाड़ देता है

यह एक silent problem है। आप सोचते हैं मैं fresher हूँ, मेरे marks average हैं, मेरे पास experience नहीं है और यही सोच जवाब देते वक्त बाहर आ जाती है। आवाज़ कमजोर, शब्द उलझे हुए, आँखें नीचे Interviewer यह सब notice करता है। याद रखिए Interview में perfect इंसान नहीं चाहिए ईमानदार और confident इंसान चाहिए।


Practice न होना भी बड़ी वजह है

यह बात कड़वी है लेकिन सच है। हम पढ़ते बहुत हैं सोचते बहुत हैं लेकिन बोलने की practice नहीं करते। Interview एक बोलने का खेल है। अगर आपने आईने के सामने या किसी दोस्त के साथ mock interview नहीं किया तो real interview में दिक्कत आना तय है। बोलने की confidence practice से ही आती है।


गलती हो जाए तो घबराना ही सबसे बड़ी गलती है

मान लो आपसे कोई जवाब ठीक से नहीं बन पाया। तो क्या interview खत्म नहीं। लेकिन हम क्या करते हैं एक सवाल खराब गया तो मन टूट जाता है और बाकी सवाल भी खराब हो जाते हैं। सच्चाई यह है Interviewer इंसान होता है। उसे पता होता है कि candidate nervous हो सकता है। अगर आप calm रहते हैं तो एक खराब जवाब भी interview खराब नहीं करता।


एक छोटी सी सच्ची बात

Interview कोई जंग नहीं है यह बातचीत है। आप कोई गलती करें तो दुनिया खत्म नहीं होती। हर interview आपको थोड़ा बेहतर बनाता है। और याद रखिए Simple सवालों में फँसना कमजोरी नहीं मानवीय स्वभाव है।


अगर यह लेख आपको थोड़ा भी काम का लगा हो तो इसे अपने दोस्त के साथ जरूर share करें। जो interview देने जा रहा है। और comment में बताइए आपका सबसे डरावना interview सवाल कौन सा रहा?

आप अकेले नहीं हैं। हम सब सीख रहे हैं।

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